About us

मेरा नाम अरुण हैं ।मैं प्राचीन फैजाबाद और आधुनिक अयोध्या का मूल निवासी हूं। मैं अपने पिता जी की इकलौती संतान हूं मेरे कोई भाई बहन नही हैं,मेरी उम्र पच्चीस साल है और मैं अविवाहित हूं,मेरे पिता जी एक मध्यम वर्गीय किसान हैं और बहुत ही आध्यात्मिक विचारधारा के व्यक्ति हैं।

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मेरी माता गृहणी हैं।मेरे पिता जी का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था लेकिन फिर भी उन्होंने मेरी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।

शिक्षा

मेरी आठवी तक की पढ़ाई गांव के स्कूल हुई,जो की अलग अलग स्कूलों से पूरी हुई,फिर नवी कक्षा से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई मैने देवा इंटर कॉलेज में पूरी की।

इंटरमीडिएट के बाद मैने झुनझुनवाला इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया।

डिप्लोमा करने के बाद मैने रामखेलावन महाविद्यालय से हिंदी,भूगोल,और इतिहास से स्नातक किया जो की पांच बरसो में पूर्ण हो पाया।

मेरे सपने

में कभी भी कोई एक लक्ष्य नहीं बना पाया की मुझे क्या करना है,इंटरमीडिएट तक मेरा कोई लक्ष्य नही था की मुझे क्या करना है,लेकिन इंटरमीडिएट के बाद जब मैने सिविल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया तो मैने निर्धारित किया की मैं आर्किटेक इंजीनियर बनूंगा,लेकिन इंजीनियरिंग की पढ़ाई खत्म होते होते वो भी सपना खत्म हो गया,इंजीनियरिंग के बाद मैने सोचा की मैं सिविल सर्विसेज में जाऊंगा और  मैंने ग्रेजुएशन में दाखिला लिया,लेकिन कुछ दिनों में मेरे उन सपनों में भी कोई जान नही बची।

फिर मैने निर्धारित किया की अब मैं जॉब करूंगा और  अपने पापा की बंद हो चुकी फैक्ट्री को फिर से सुरू करूंगा और बिजनेस मैन बनूंगा और यही सोचकर मैंव्यापार के गणित सीखने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए जाब करने लगा।

जो अभी भी कर रहा हूं।

मेरा वास्तविक सफर

मैने अपनी पहली जॉब  बिग बाजार से शुरू की जो की फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की एक शाखा थी।

शुरुआत में मुझे पार्टटाइम जॉब के लिए रखा गया था,

क्योंकि इंटरव्यू में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था लेकिन बाद में मैंने काम में अच्छा प्रदर्शन किया और 6 महीने में मुझे परमानेंट कर दिया गया।मैने सोचा था कि मैं काम के साथ साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखूंगा लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया।

मैने बीगबाजार में डेढ़ साल सेल्स पर्सन के रूप में कार्य किया और दो महीने कैशियर के रूप में कार्य किया।

फिर जनवरी 2020 में मुझे रिलायंस जियो के साथ काम करने का मौका मिला।

में वर्तमान में रिलायंस जियो में ऑप्टिकल फाइबर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हूं।

लेकिन जिस चीज की तलाश में मैं हूं मुझे नहीं लगता है कि यहां वो मिलेगी इस लिए मैं अपना सफर जारी रखे हुए हूं।

ब्लॉगिंग में रुचि

मुझे ब्लॉग के बारे में बिल्कुल भी नही पता था,फिर एक दिन मेरे एक मित्र ने मुझे ब्लॉगिंग के बारे में बताया तो मुझे लगा कि मेरे लिए ब्लॉग एक माध्यम बनेगा दुनिया के सामने अपने विचार रखने का,अपनी जानकारियां साझा करने का, क्योंकि मुझे बात करने में बहुत हिचकिचाहट होती है और इन्ही सब वजह से मेरी ब्लॉगिंग में रुचि बढ़ती गई।

मैने अपने ब्लॉग के लिए प्रकृति को चुना है,और मैं अपने ज्यादा से ज्यादा लेख प्रकृति पर ही लिखने की कोशिश करूंगा,क्युकी इंसान जितना प्रकृति के करीब रहता है उतना ही अपने आप को जानने की कोशिश करता है,और जितना अपने आप को जानता है उतनी ही उसकी ईश्वर में आस्था बढ़ती है।